हमारी कहानी
Temvoral कैसे बना, क्यों बना, और हम क्या बदलना चाहते हैं
एक सवाल से शुरू हुई यह यात्रा
बेंगलुरु भारत का स्टार्टअप हब है। यहां हर गली में एक आइडिया है। लेकिन ज़्यादातर आइडिया आगे नहीं बढ़ पाते। क्यों? क्योंकि उन्हें सही दिशा नहीं मिलती।
Temvoral की नींव इसी सवाल पर रखी गई। हमने देखा कि बिज़नेस एजुकेशन या तो बहुत महंगी है, या बहुत थ्योरेटिकल है। असली उद्यमी को जो चाहिए वो है एक व्यावहारिक, स्पष्ट और किफायती रास्ता।
हमने तय किया कि हम वो जगह बनाएंगे जहां बेंगलुरु के उभरते उद्यमी आकर अपने आइडिया को असली बाज़ार की कसौटी पर कस सकें। बिना किसी जार्गन के, बिना किसी दिखावे के।
जो हम मानते हैं
करके सीखो
थ्योरी ज़रूरी है लेकिन काफी नहीं। हर कॉन्सेप्ट को अपने आइडिया पर लागू करना ही असली सीखना है।
सच्चा फीडबैक
हम वो बताते हैं जो सुनने में अच्छा नहीं लगता लेकिन जो आपके आइडिया को बेहतर बनाता है।
बेंगलुरु का संदर्भ
हमारे उदाहरण, हमारी केस स्टडी, हमारे मेंटर सब बेंगलुरु और भारत की असली ज़मीन से जुड़े हैं।
पारदर्शिता
हम कोई जादू नहीं करते। हम एक प्रक्रिया सिखाते हैं जिसे आप खुद लागू करें और खुद देखें।
हम अलग क्यों हैं
Temvoral एक पारंपरिक बिज़नेस स्कूल नहीं है। हम कोई डिग्री नहीं देते। हम देते हैं एक स्पष्ट प्रक्रिया, एक सोचने का तरीका, और एक ऐसा नेटवर्क जो आपके काम आए।
हमारी वर्कशॉप में भाग लेने वाले लोग अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते हैं। इंजीनियर, डिज़ाइनर, शिक्षक, गृहिणियां। यह विविधता खुद एक ताकत है।
जब आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बैठते हैं जो आपसे बिल्कुल अलग क्षेत्र में काम करता है, तो आपको अपने आइडिया को नए नज़रिए से देखने का मौका मिलता है।